ऋषिपर्णा  सभागार कलेक्ट्रेट में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया

देहरादून, जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में ऋषिपर्णा  सभागार कलेक्ट्रेट में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान 88 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश शिकायत भूमि संबंधी प्राप्त हुई इसके अतिरिक्त आपसी विवाद, सामाजिक व व्यक्तिगत समस्याओं से जुड़ी शिकायतें शामिल रहीं। अपर जिलाधिकारी द्वारा प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जनता दर्शन में नई बस्ती, चंदरनगर निवासी एक बुजुर्ग दंपति ने शिकायत दर्ज कराई कि उनका बेटा उनके साथ मारपीट करता है तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर को भरण-पोषण अधिनियम के अंतर्गत वाद दायर कराने के निर्देश दिए।
प्रगति विहार विकास संस्था, अजबपुर द्वारा प्रस्तुत शिकायती पत्र में बताया गया कि लेन नंबर- 6 में स्थित खाली प्लॉट पर संदिग्ध व्यक्तियों/भूमाफियाओं द्वारा कब्जा किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पर नगर निगम एवं तहसीलदार सदर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत चकजोगीवाला निवासियों ने शिकायती पत्र के माध्यम से चकजोगीवाला में भूमाफियाओं द्वारा समाज की भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है तथा 18 मीटर चौड़े नाले पर भी अतिक्रमण किया गया है। इस संबंध में उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को समाज की भूमि को कब्जा मुक्त कराने हेतु कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शास्त्री नगर, डाकरा कैंट निवासी निर्मला देवी ने अपने शिकायती पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि उनके पति वर्ष 2012 से गुमशुदा हैं। उन्होंने पति को मृत घोषित करते हुए कैंट बोर्ड से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने का अनुरोध किया। इस पर अपर जिलाधिकारी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी, देहरादून कैंट को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
शिकायतकर्ता हनीफ ने अपने दिवंगत भाई वसीम अहमद (श्रमिक), जिनका 21-01-2022 को कार्य के दौरान दुर्भाग्यवश निधन हो गया था, के संबंध में ई-श्रम योजना अंतर्गत देय अनुग्रह राशि के भुगतान हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उनकी शिकायत आईडी एलबी57117 की स्थिति वर्तमान में बंद दर्शाई जा रही है, जबकि आज तक मृतक की पत्नी को अनुग्रह राशि प्राप्त नहीं हुई है, जिससे परिवार गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने प्रकरण की पुनः जांच कराते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि देय अनुग्रह राशि भुगतान के संबंध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के  निर्देश दिए।

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