रिकॉर्ड से लेकर वितरण प्रणाली तक की हुई पड़ताल, अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई तय
पौड़ी: जनपद में एलपीजी गैस आपूर्ति को व्यवस्थित, पारदर्शी और उपभोक्ता हितों के अनुरूप बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशानुसार पूर्ति विभाग की टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ अभियान चलाते हुए 70 प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इनमें 10 गैस गोदाम और 60 व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल रहे।
अभियान के दौरान कोटद्वार, दुगड्डा, पौड़ी, धुमाकोट, चेलूसैंण, थलीसैंण, उफरैंखाल-रिखणीखाल समेत कई दूरस्थ क्षेत्रों में भी टीमों ने पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। पाबौ और सतपुली जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दुकानों की जांच कर यह सुनिश्चित किया गया कि उपभोक्ताओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप गैस उपलब्ध हो रही है या नहीं।
निरीक्षण के दौरान केवल औपचारिकता तक सीमित न रहकर टीमों ने स्टॉक रजिस्टर, वितरण प्रक्रिया, भंडारण व्यवस्था और अभिलेखों का मौके पर मिलान कर वास्तविक स्थिति की गहन जांच की। इससे यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सर्वोपरि है और एलपीजी वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जनपद में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है और सभी उपभोक्ताओं को निर्धारित केंद्रों के माध्यम से नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है।

