जनगणना डेटा की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के निर्देश

जिलाधिकारी ने जनगणना 2026 की समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश, 20 मई तक मकान सूचीकरण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित

जिलाधिकारी ने चार्ज अधिकारियों के साथ की प्रगति समीक्षा,

एसडीएम तहसील स्तर पर प्रतिदिन करेंगे कार्यों की समीक्षा, एनआईसी में हुई महत्वपूर्ण बैठक

​पौड़ी: जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में जिला मुख्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जनगणना 2026 के प्रथम चरण के सफल क्रियान्वयन हेतु एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद की सभी तहसीलों और नगर निकायों में चल रहे मकानों की गणना तथा मकान सूचीकरण कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायज़ा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में शुद्धता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाय।

​बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यद्यपि जनगणना का प्रथम चरण 25 अप्रैल से 24 मई तक निर्धारित है, परंतु जनपद के सभी चार्ज अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि फील्ड का समस्त कार्य 20 मई तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाय। उन्होंने कहा कि समय से पूर्व लक्ष्य प्राप्ति से डेटा की जांच और तकनीकी त्रुटियों के सुधार के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। इस संबंध में उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी कार्ययोजना में तेजी लाने के निर्देश दिए।

​निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर बल देते हुए जिलाधिकारी ने सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीन तैनात प्रगणकों और सुपरवाइजरों के लिए प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से फील्ड स्टाफ की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि दैनिक आधार पर लक्ष्य प्राप्त किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक चार्ज अधिकारी से उनकी रणनीति पर भी चर्चा की।

​प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा की व्यवस्था तय करते हुए जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त उपजिलाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में जनगणना कार्य की समीक्षा हेतु निरंतर बैठकें करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपजिलाधिकारी प्रतिदिन के कार्यों की समीक्षा करें और यदि कहीं कोई व्यवधान आ रहा है, तो उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने नगर निकायों और तहसीलों द्वारा किए जा रहे कार्यों का तुलनात्मक विवरण भी देखा और पिछड़ रहे क्षेत्रों को तत्काल गति बढ़ाने की हिदायत दी।

​डिजिटलीकरण की महत्ता को रेखांकित करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनगणना के डेटा को उसी दिन मोबाइल ऐप में अपडेट किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि डेटा संकलन और ऐप पर अपलोडिंग के बीच कोई अंतराल नहीं होना चाहिए, ताकि रियल-टाइम प्रगति का आकलन किया जा सके। उन्होंने तकनीकी स्टाफ को ऐप संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु सक्रिय रहने को कहा।

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