पौड़ी: गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने पौड़ी स्थित विकास भवन सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं के समाधान, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।
सभागार पहुंचने पर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, एसएसपी सर्वेश पंवार तथा सीडीओ अशोक जोशी द्वारा सांसद तथा अन्य अतिथियों का स्वागत किया गया। बैठक में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, खेल, संचार तथा सामाजिक कल्याण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पेयजल एवं जल संस्थान विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद ने निर्देश दिए कि जिन गांवों में पेयजल संकट बना रहता है, वहां आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही अधूरी पेयजल योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने को कहा गया। बैठक में जयहरीखाल क्षेत्र की पेयजल समस्याओं का मुद्दा भी उठाया गया, जिस पर संबंधित अधिकारियों को सुधार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
सांसद ने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पेयजल पंपिंग योजनाओं की पूर्व तैयारी की जाए तथा एक माह के भीतर पेयजल समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए। लैंडस्लाइड की दृष्टि से संवेदनशील मोटर मार्गों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित विभागों को बरसात से पूर्व आवश्यक सुधारीकरण कार्य पूर्ण करने तथा आपदा प्रबंधन के लिए मशीनरी एवं मानव संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए। गुमखाल–सतपुली मोटर मार्ग चौड़ीकरण से प्रभावित निजी परिसंपत्तियों के सुधारीकरण कार्य शीघ्र पूरा करने को भी कहा गया।
सांसद ने समाज कल्याण एवं शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए विद्यालयों में विशेष शिक्षण व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने पेंशन योजनाओं की समीक्षा करते हुए सत्यापन प्रक्रिया के कारण लंबित मामलों का विशेष अभियान चलाकर निस्तारण करने तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।
इस पर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने निर्देश दिए कि सत्यापन प्रक्रिया के कारण जिन लाभार्थियों की पेंशन रुकी हुई है, उनके मामलों का विशेष अभियान चलाकर 15 दिनों के भीतर निस्तारण किया जाए तथा लंबित गैप को पूर्णतः समाप्त किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि सत्यापन अभियान शुरू करने से पूर्व संबंधित जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि आमजन को समय पर जानकारी मिल सके और प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद ने जनपद के एक ब्लॉक को ऑर्गेनिक खेती के लिए विकसित करने की दिशा में तैयारी करने के निर्देश दिए। इसके लिए थलीसैंण ब्लॉक को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चिन्हित करने तथा किसानों का चिन्हीकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।

