आयुक्त ने योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के दिए निर्देश

मंडलीय समीक्षा बैठक में आयुक्त ने योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के दिए निर्देश

पेंशन सत्यापन, टीबी नियंत्रण, विद्यालयों की मूलभूत सुविधाएं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर

पैक्स प्रशिक्षण के लिए जनपदवार रोस्टर बनाने तथा सभी योजनाओं के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

पौड़ी: गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने मंडलीय समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण, योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेंशन योजनाओं में डुप्लीकेसी समाप्त करने, आधार सीडिंग में तेजी लाने, टीबी प्रभावित क्षेत्रों में शत-प्रतिशत एक्स-रे सुनिश्चित करने, विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं सुदृढ़ करने, निर्माणाधीन राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा पैक्स को जन सुविधा केंद्र संचालन के लिए प्रशिक्षित करने हेतु जनपदवार रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए।

समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने वृद्धावस्था, दिव्यांग, विधवा, परित्यक्ता एवं किसान पेंशन योजनाओं की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने किसान पेंशन लाभार्थियों का अन्य पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों से मिलान कर डुप्लीकेसी समाप्त करने के लिए विशेष सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि आधार सीडिंग के अभाव में कोई भी पात्र व्यक्ति पेंशन से वंचित न रहे। इसके लिए सभी मुख्य विकास अधिकारियों को कार्ययोजना बनाकर शत-प्रतिशत आधार सीडिंग सुनिश्चित करने तथा पात्र लाभार्थियों की पहचान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का सहयोग लेने को कहा।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में आयुक्त ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के वार्षिक लक्ष्य के अनुरूप मासिक लक्ष्य निर्धारित कर नियमित निगरानी करने तथा समयबद्ध शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने टीबी के चिन्हित हाई-रिस्क गांवों में शत-प्रतिशत एक्स-रे कराने के लिए आवश्यक संसाधनों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने को भी कहा।

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी विद्यालय भवन एवं शौचालय स्वच्छ, सुरक्षित और उपयोग योग्य स्थिति में रहें। उन्होंने कहा कि भवनों के रखरखाव, मरम्मत अथवा शौचालयों की व्यवस्था के लिए यदि अतिरिक्त धनराशि या अन्य संसाधनों की आवश्यकता हो तो तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं।

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