फील्ड सत्यापन, दैनिक निगरानी और डेटा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सुपरवाइजरों को कड़े निर्देश

फील्ड सत्यापन, दैनिक निगरानी और डेटा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सुपरवाइजरों को कड़े निर्देश

 

पौड़ी: जिला सभागार स्थित एनआईसी कक्ष में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों के संपादन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुनरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों, प्रशिक्षण, डेटा संकलन तथा व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि 8 जून से 7 जुलाई तक बीएलओ घर घर जाकर मतदाताओं से जानकारी एकत्र करेंगे। इससे पहले विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंधित प्रशिक्षण, तैयारियां एवं प्रिंटिंग संबंधी सभी कार्य 7 जून तक पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों के निष्पादन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या है, वहां संबंधित ईआरओ पूर्व से कार्ययोजना तैयार कर वैकल्पिक व्यवस्थाओं के साथ कार्यों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करें, ताकि पुनरीक्षण कार्य प्रभावित न हो। साथ ही विधानसभा स्तर पर डेटा संग्रहण के लिए अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक मतदेय स्थल पर बीएलओ की सहायता के लिए आईटी स्वयं सेवकों की तैनाती की जाएगी, जिससे डिजिटल कार्यों और डेटा अपलोडिंग में सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग कार्मिकों की तैनाती की जाएगी, ताकि कार्यों का संचालन व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से किया जा सके।

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार मीडिया, राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों के माध्यम से किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंच सके। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के ड्राफ्ट प्रकाशन से पूर्व मतदाताओं एवं आमजन को पुनरीक्षण प्रक्रिया की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और जनसहभागिता बढ़े।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि ईआरओ स्तर पर प्राप्त दावों एवं आपत्तियों की सूची प्रत्येक सप्ताह राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनी रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में नोडल अधिकारियों के दायित्वों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ संपादित किया जाए। उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क पर तैनात कार्मिकों को अलग से प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे शिकायतों एवं जानकारियों का प्रभावी ढंग से निस्तारण कर सकें।

उन्होंने बताया कि बीएलओ का प्रशिक्षण 27 मई तक आयोजित किया जाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विकासखंडों में प्रशिक्षण कार्यक्रम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि प्रत्येक बीएलओ को प्रक्रिया की पूरी जानकारी मिल सके। साथ ही दूसरे चरण के प्रशिक्षण में राजनीतिक दलों के बीएलए को भी आमंत्रित किया जाए, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और किसी प्रकार का भ्रम न उत्पन्न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो बीएलओ प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहेंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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