जनहित से जुड़े कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही पर दिया विशेष जोर
विकास योजनाओं, कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन और विभागीय समन्वय को लेकर हुई विस्तृत समीक्षा
पौड़ी: आयुक्त गढ़वाल मंडल की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार, पौड़ी में प्रशासनिक समन्वय एवं विभागीय कार्यों के प्रभावी संचालन को लेकर विचार-विमर्श एवं परिचयात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंडल एवं जनपद स्तर के अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, विकास योजनाओं की प्रगति, जनहित से जुड़े मुद्दों तथा विभागीय समन्वय व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, अपर आयुक्त उत्तम सिंह चौहान, डीएफओ महातिम यादव, अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ठाकुर तथा अन्य अधिकारियों ने आयुक्त का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इसके उपरांत आयुक्त ने उपस्थित अधिकारियों से परिचय प्राप्त करते हुए विभागवार संचालित योजनाओं, कार्यों एवं वर्तमान व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित प्रमुख योजनाओं, विकास कार्यों, उपलब्धियों तथा चुनौतियों के संबंध में आयुक्त को विस्तार से अवगत कराया। इस दौरान विकास योजनाओं की प्रगति, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, कानून व्यवस्था, वन संरक्षण, सड़क एवं पेयजल व्यवस्थाओं, आपदा प्रबंधन तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।
आयुक्त ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत और जनोन्मुख बनाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आमजन से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। साथ ही विकास कार्यों की नियमित निगरानी कर फील्ड स्तर पर उनकी प्रगति की समीक्षा भी सुनिश्चित की जाए।
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मंडल स्तरीय अधिकारी साप्ताहिक रोस्टर तैयार कर उपलब्ध कराएं, जिससे आमजन को संबंधित अधिकारियों की उपलब्धता की जानकारी आसानी से प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की नियमित उपलब्धता से जनसुनवाई व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी तथा लोगों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध ढंग से किया जा सकेगा।

